जब हाथ फैलाओगे तो स्वतंत्र कैसे रह पाओगे? || आचार्य प्रशांत, युवाओ के संग (2012)

कहते हैं न कि आज़ादी एक कठिन चीज़ है, हर किसी को नहीं मिलती।

आज़ादी की कीमत है – ज़िम्मेदारी।

बीमारी को बीमारी न मानना ही बीमारी है

सामान्य की जो हमारी परिभाषा है, वो बड़ी गड़बड़ हो गयी है। इसलिए हम विद्रोह नहीं कर पाते। विद्रोह उठता भी है, तो हम उसको दबा देते हैं। हम कहते हैं, हर घर में यही तो हो रहा है। और देखो ना, टी वी को देखो, स्कूल को देखो, कॉलेज को देखो, परिवार को देखो, माँ बाप को देखो, उन सबने यही तो बताया है कि ऐसा ही होता है। और ऐसा ही होता है तो मैं होता कौन हूँ, क्रांति करने वाला। मैं होता कौन हूँ, उस जगह से उठ जाने वाला, जो जगह चुभ रही है।

जैसे मुझे चुभ रहा है, ऐसे ही मेरे पिताजी को चुभ रहा था। ऐसे ही मेरे दादा जी को चुभा था। और हमारे परिवार में, जो चुभ रहा हो उससे न उठने की परंपरा है। वो कभी अपनी गद्दी छोड़ के नहीं उठे, जब चुभ भी रहा था, तो मैं क्यों उठूँ? इतना ही नहीं, उन्होंने कभी चुभन को चुभन कहा ही नहीं। उन्होंने कहा, “ये तो फूलों की पंखुड़ियों का दैवीय स्पर्श है। ये काँटा थोड़े ही चुभ रहा है, ये तो पंखुड़ी मुझे सहला रही है। हम अपने ही प्रति क्रूर और असंवेदनशील हो गए हैं। हमें अपनी ही तड़प के प्रति ज़रा भी सद्भावना नहीं है। एक छोटा बच्चा होता है, आप उसको ज़बरदस्ती गोद में ले लें, वो ऐंठेगा और छिटक के दूर हो जाएगा। देखा है आपने? उसको भी अपने स्वार्थ का ख़याल होता है।

आचार्य प्रशांत
_____________

आचार्य प्रशांत से जुड़ने के माध्यम:

अद्वैत बोध शिविर
हर महीने होने वाले इन यह शिविर हिमालय की गोद में, आचार्य जी के नेतृत्व में रह कर दुनिया भर के दुर्लभ शास्त्रों के अध्ययन का अनूठा अवसर हैं।

आवेदन हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर या

संपर्क करें: श्री अंशु शर्मा:  +91 – 8376055661

  आध्यात्मिक ग्रंथों का शिक्षण (कोर्स)
आचार्य जी द्वारा हर माह चुनिंदा शास्त्रों पर प्रवचन एवं रोज़ मर्रा की ज़िन्दगी में उनकी महत्ता जानने का अवसर।

आवेदन हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर या

 संपर्क करें: श्री अपार मेहरोत्रा : +91 9818591240

   जागृति माह
   जीवन के एक विशेष विषय पर और जीवन के आम दिनचर्या की समस्याओं का हल पाने का अनूठा अवसर। जो लोग व्यक्तिगत रूप से सत्र में मौजूद नहीं हो सकते, वो ऑनलाइन स्काइप या वेबिनार द्वारा बोध सत्र का            हिस्सा बन सकते हैं।

    आवेदन हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर या

सम्पर्क करें: सुश्री अनुष्का जैन: +91 9818585917

 आचार्य जी से निजी साक्षात्कार
आचार्य जी से निजी बातचीत करने का बहुमूल्य अवसर।

आवेदन हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर या

संपर्क करें: सुश्री अनुष्का जैन: +91 9818585917

सम्पादकीय टिप्पणी :

आचार्य प्रशांत द्वारा दिए गये बहुमूल्य व्याख्यान इन पुस्तकों में मौजूद हैं:

अमेज़न:  http://tinyurl.com/Acharya-Prashant
फ्लिप्कार्ट:  https://goo.gl/fS0zHf