किस दिशा जाऊँ?

पाने की इच्छा हीनता के भाव से निकलती है| इच्छा पूरा होना चाहती है, ख़त्म हो जाना चाहती है, जो असंभव है| कुछ भी पा कर जीवन की रिक्तता ख़त्म नहीं होती| वो जो हीन नहीं है, वो तुममे ही सोया हुआ है| उसे जगाओ, उसकी तरफ ध्यान दो|

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