संसार पर अतीत का अँधेरा क्यों?

अतीत में अज्ञान है, बहुत सारा है और वो बहुत तेज़ी से फैलता भी है।

जागृति, अतीत से नहीं आती और वो फैल भी नहीं सकती।

अतीत तुम्हें जागृति नहीं दे सकता। अतीत तुम्हें अज्ञान बहुत सारा दे सकता है। और अज्ञान खूब तेज़ी से फैलता भी है क्यूंकि वो परमपरा बन जाता है, आदत बन जाता है, वो फैलता है।
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श्री प्रशांत ‘मिथक भंजन यात्रा’ का दूसरा चरण धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में आरम्भ कर रहे हैं।

25 अप्रैल से।

कृपया अपनी जगह आरक्षित कर लें।

शांति पाठ का महत्त्व

प्रश्न : उपनिषद के शुरू होने से पहले शांति-पाठ क्यों पढ़ाया जाता है ? वक्ता : ऐसा इसलिए क्योंकि तुममें और उपनिषदों में ज़मीन-आसमान का फासला

भगवान क्या हैं ?

स्वतंत्रता क्या है? हम नहीं जानते। सत्य क्या है? हम नहीं जानते। शिक्षा क्या है? हम ये भी नहीं जानते। मैं कौन हूँ? ये तो बिल्कुल ही नहीं जानते। पर इन सब बातों के बारे में हमने कुछ-कुछ सुन रखा है और इनको मान लिया है। तो इस प्रश्न को अलग से लेकर के नहीं देखा जा सकता कि ‘भगवान् क्या है, सत्य क्या है ?’

माता-पिता से वास्तव में प्रेम है?

प्रश्न: सर, माता-पिता का प्रेम निःस्वार्थ होता है पर उनकी बात हर बार ठीक नहीं लगती। क्या करें? वक्ता: सवाल इस बात का बिल्कुल भी

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