मंदिर-जहाँ का शब्द मौन में ले जाये

प्रश्न: ‘अनहता सबद बाजंत भेरी’, कृपया इसका अर्थ बताएँ? वक्ता: मंदिर से जो घंटे, घड़ियाल, ढोल, नगाड़े की आवाज़ आ रही है; वो ‘अनहद’ शब्द है | घंटा जैसे बजता

नायमात्मा बलहीनेन लभ्यः

वक्ता: एक उपनिषदिक् वाक्य है: नायमात्मा बलहीनेन लभ्यः जो बलहीन है वो कभी भी अपने करीब नहीं पहुँच सकता| जो इतना डरपोक, मुर्दा और निर्बल है

झूठा प्रेम

हमने सब झूठी चीज़ों को प्रेम का नाम दे दिया है।मुझे तुमसे एक आकर्षण हो गया क्योंकि मेरी एक ख़ास उम्र है और तुम्हारी भी एक ख़ास उम्र है, और इस उम्र में शरीर की ग्रंथियाँ सक्रिय हो जाती हैं। सीधे-सीधे ये एक शारीरिक आकर्षण है, यौन आकर्षण है।

माता-पिता से वास्तव में प्रेम है?

प्रश्न: सर, माता-पिता का प्रेम निःस्वार्थ होता है पर उनकी बात हर बार ठीक नहीं लगती। क्या करें? वक्ता: सवाल इस बात का बिल्कुल भी

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