बाहरी प्रेरणा साथ नहीं देती

बाहरी आता है, एक माहौल बनाता है, तुम्हारे मन को बिलकुल आंदोलित कर देता है l उसके रहते मन आंदोलित होता है पर क्या ऐसा उत्साह सदा रह सकता है? प्रभाव जाएगा और उसके साथ तुम्हारा उत्साह भी चला जाता है l

और क्या जीवन हमने ऐसे ही नहीं बिताया है ?

अमीर कौन, ग़रीब कौन?

जिसको और चाहिए – वो गरीब है। जिसे और नहीं चाहिए- वो अमीर है। जिसे ही और चाहिए, बात सीधी है, जो भी कह रहा है कि और मिल जाए, इसका मतलब है कि वो गरीबी अनुभव कर रहा है। तभी तो वो कह रहा है कि और चाहिए। तो गरीब वो नहीं जिसके पास कम है, गरीब वो जिसे अभी और चाहिए।

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