संशय, प्रमाद और आलस क्यों हावी होते हैं? || आचार्य प्रशांत, पतंजलि योगसूत्र पर (2019)

अहम को हमेशा जुड़ने के लिये कोई चाहिये।

तो अहम को शान्ति देने का, लय देने का यही तरीका है कि – उसे सही वस्तु के साथ जोड़ दो।

और कोई तरीका नहीं है।

जुड़ेगा तो वो है ही, निश्चित रूप से जुड़ेगा।

अकेला वो नहीं रह सकता।

वो प्रतिपल किसी-न-किसी व्यक्ति, वस्तु, विचार के साथ जुड़ा ही हुआ है।

जब उसे जुड़ना ही है, तो उसे सही संगति दो न।