आचार्य प्रशांत: अच्छा काम करने में डर की बाधा

मैं तो कहता हूँ, ‘हम तीन हैं’ ।

एक सच्चा, एक झूठा, और एक वो जो सच्चे और झूठे में चुनाव करता है कि सच्चे के साथ होना है कि झूठे के साथ होना है ।

सच्चा भी आवाज़ देता है, और झूठा भी आवाज़ देता है । मेरी सारी शिक्षा इतनी ही है कि तुम सच्चे की सुनना ।

झूठे की आवाज़ घोटने की कोशिश मत करना । झूठा बोलता रहेगा । जिस दिन तक ये जिस्म है, उस दिन तक वो सारे संस्कार और प्रभाव और काल की धारा, बोलते ही रहेंगे, जिन्होंने तुम्हें ये जिस्म दिया । वो सब बोलेंगे । क्रोध भी आएगा, थकान भी होगी, इच्छाएँ भी उठेंगी, वासना भी उठेंगी, वो सब अपनी-अपनी बात करते रहेंगे । बस तुम उनकी बात पर ज़ोर मत देना । उनके पक्ष में मत खड़े हो जाना ।

~ आचार्य प्रशांत

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निम्नलिखित माध्यमों से दुनिया के हर कोने से लोग आचार्य जी से जुड़ रहे हैं :-

१. आचार्य जी से निजी साक्षात्कार:
यह एक अभूतपूर्व अवसर है आचार्य जी से मुखातिब होकर उनसे निजी मुद्दों पर चर्चा करने का। यह सुविधा ऑनलाइन भी उपलब्ध है।
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२: अद्वैत बोध शिविर:
अद्वैत बोध शिविर आचार्य जी के सानिध्य में समय बिताने का एक अद्भुत अवसर है। इन बोध शिविरों में दुनिया भर से लोग, अपने व्यस्त जीवन से चार दिन निकालकर, प्रकृति की गोद में शास्त्रों का गहन अध्ययन करते हैं और उनसे प्राप्त शिक्षा की प्रासंगिता अपने जीवन में देख पाते हैं। ऋषिकेश, शिवपुरी, मुक्तेश्वर, जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, चोपटा, कैंचीधाम जैसे नैनाभिराम स्थानों पर आयोजित अनेकों बोध शिविरों में सैकड़ों लोग आच्रार्य जी के आशीर्वचनों से कृतार्थ हुए हैं।
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३. आध्यात्मिक ग्रंथों पर कोर्स:
आध्यात्मिक ग्रंथों पर कोर्स, आचार्य प्रशांत के नेतृत्व में होने वाले क्लासरूम आधारित सत्र हैं। सत्र में आचार्य जी द्वारा चुने गये दुर्लभ आध्यात्मिक ग्रंथों के गहन अध्ययन के माध्यम से साधक बोध को उपलब्ध हो पाते हैं।
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४. जागरुकता का महीना:
फाउंडेशन हर माह जीवन-सम्बन्धित एक आधारभूत विषय पर आचार्य जी के सत्रों की एक श्रृंखला आयोजित करता है। जो व्यक्ति बोध-सत्र में व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं हो सकते, उन्हें फाउंडेशन की ओर से चुनिंदा सत्रों का ऑनलाइन प्रसारण उपलब्ध कराया जाता है। इस सुविधा द्वारा सभी साधक शारीरिक रूप से दूर रहकर भी, आचार्य जी के सत्रों में सम्मिलित हो पाते हैं।
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५. आचार्य जी के साथ एक दिन
‘आचार्य जी के साथ एक दिन’ एक अनूठा अवसर है जिज्ञासुओं के लिए जो, इस पहल के माध्यम से अद्वैत आश्रम – ग्रेटर नॉएडा में हर महीने, एक पूरे दिन का समय आचार्य जी के साथ व्यतीत कर पाते हैं।
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६. पार से उपहार : आचार्य जी के साथ सप्ताहंत
‘पार से उपहार’ एक सुनहरा प्रयास है आचार्य जी के सानिध्य में रहकर स्वयं को जान पाने का। इसका आयोजन प्रति माह, २ दिन और २ रातों के लिए, अद्वैत आश्रम – ग्रेटर नॉएडा में होता है।
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७. स्टूडियो कबीर
स्टूडियो कबीर एक ऐसी पहल है जो आज के प्रचलित संस्कृति में आदिकाल से पूजनीय संतों व ग्रंथों द्वारा प्रतिपादित बोध का पठन-पाठन एक संगीतमय तरीके से करती है। आम जनमानस में संतों व ग्रंथों के गीतों की लोकप्रियता बढ़ सके, इसके लिए स्टूडियो कबीर उन गीतों को याद करवाने का और सुंदर गीतों के माध्यम से प्रस्तुत करने के अथक प्रयास में संलग्न है।
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८. फ्री-हार्ट्स शिविर: एक नयी दृष्टि में अध्यात्म
यह शिविर हर उस व्यक्ति के लिए है जो दिल से युवा हैं। इस शिविर के अंतर्गत आपसी सौहार्द्य और मैत्री का वर्धन, मनोवैज्ञानिक तथ्यों से रूबरू होना, जीवन की ग्रंथियों को सुलझाना, ध्यान की अभिनव विधियों का प्रयोग करना, नृत्य, गायन, कला-प्रदर्शन करना आदि शामिल है।
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९. त्रियोग:
त्रियोग हठ-योग, भक्ति-योग और ज्ञान-योग का अभूतपूर्व सम्मिश्रण है, जिसमें सम्पूर्ण स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास की प्राप्ति हेतु २ घंटे के योग-सत्र का अनूठा आयोजन किया जाता है।
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१०. बोध-पुस्तक
जीवन के महत्वपूर्ण विषयों पर आचार्य जी के व्यक्तव्यों का बेहतरीन संकलन हिंदी व अंग्रेजी भाषा में पुस्तकों के रूप में अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध हैं:

अमेज़न: http://tinyurl.com/Acharya-Prashant

फ्लिपकार्ट: http://tinyurl.com/AcharyaBooks

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इन सुन्दरतम व अनोखी पहलों में भाग लेने के लिए, अपने आवेदन requests@prashantadvait.comपर भेजें, या श्री कुन्दन सिंह से संपर्क करें: +91-9999102998

मन के स्रोत से निकटता ही है मन की ताकत

हमने जीवन में ये सवाल कभी ईमानदारी से पूछा ही नहीं है कि ‘महत्वपूर्ण क्या है’, क्या है जो पाने योग्य है, क्या है जो करने योग्य है? और क्योंकि हमने कभी पूछा नहीं है, हमारे भीतर खाली जगह है इसीलिए उस खाली जगह में कुछ भी कचरा भर दिया गया है।  हमने दुनिया भर के व्यापारियों को अनुमति दे दी है कि वो आएँ और हमारे मन में व्यापार करें। ये अनुमति दी हम ही ने है। समझ रहे हैं? रुकिये और पूछिए ये बात, महत्वपूर्ण क्या है? क्या ये वास्तव में महत्वपूर्ण है। और दो ही चार गिनी हुई चीजें हैं, जो समाज ने बता दी हैं कि महत्वपूर्ण हैं। उनके विषय में पूछिए कि क्या वो वास्तव में महत्वपूर्ण हैं?
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आचार्य प्रशांत से जुड़ने के माध्यम

1.) अद्वैत बोध शिविर
आवेदन हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com par
या
संपर्क करें: श्री अंशु शर्मा: +91 – 8376055661

2.) आध्यात्मिक ग्रंथों पर कोर्स
आवेदन हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर
या
संपर्क करें: श्री अपार मेहरोत्रा : +91 9818591240

3.) बोधसत्र का सीधा ऑनलाइन प्रसारण
आवेदन हेतु ई-मेल भेजें: requests@prashantadvait.com
या संपर्क करें:
श्रीमती अनुष्का जैन: +91 9818585917

4.) आचार्य जी से निजी साक्षात्कार
आवेदन हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर
या
संपर्क करें: अनुष्का जैन: +91 9818585917
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आचार्य प्रशांत द्वारा दिए गये बहुमूल्य व्याख्यान इन पुस्तकों में मौजूद हैं:

अमेज़न: http://tinyurl.com/Acharya-Prashant
फ्लिप्कार्ट: https://goo.gl/fS0zHf

मुझे इतनी ठोकरें क्यों लगती हैं?

दुनिया के लिए अमर होने का अर्थ है: समय का लम्बा खिंच जाना और सत्य में अमरता का अर्थ है: समय का विलुप्त हो जाना क्यूंकि समय कितना लम्बा भी खिंचे, उसकी लम्बाई को आप एक संख्या में बाँध सकते हैं, एक संख्या द्वारा व्यक्त कर सकते हैं। दुनिया में जो कुछ भी बड़े से बड़ा होगा, वो दुनिया के तल पर ही होगा। बडे से बड़ा, होगा दुनिया के तल पर और जो कुछ भी दुनिया के तल पर है, उसमें आखिरी बिंदु ज़रूर आएगा इसीलिए वो वास्तव में बड़ा हो नहीं सकता। सत्य में वो सब कुछ क्षुद्र, नगण्य और भ्रम बराबर ही है, जो ख़त्म हो जाता है।

सत्य में है ही वही, जिसकी न कोई शुरुआत हो, न कोई अंत हो।
तुम कैसा जीवन जी रहे हो, जानने के लिए बस ये परख लेना, क्या कुछ है तुम्हारे पास ऐसा, जो समय से बच निकलेगा? क्या है तुम्हारे पास ऐसा, जो मौत से बच निकलेगा? क्या है तुम्हारे पास कुछ ऐसा, जो तुम्हारे पास दुनिया में आने से पहले भी था? कुछ भी ऐसा है तुम्हारे पास, जो तुम्हें दुनिया ने न दिया हो, कुछ ऐसा पा लो, बस वही सत्य है; बाकी सब बस प्रतीति होता है।
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अष्टावक्र-जनक महासंवाद
आचार्य प्रशांत के साथ 6 अप्रैल से

आवेदन भेजने हेतु: requests@prashantadvait.com पर ईमेल करें
या संपर्क करें: +91-9818591240
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आचार्य प्रशांत द्वारा दिए गये बहुमूल्य व्याख्यान इन पुस्तकों में मौजूद हैं:

अमेज़न: http://tinyurl.com/Acharya-Prashant
फ्लिप्कार्ट: https://goo.gl/fS0zHf

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