संसार पर अतीत का अँधेरा क्यों?

अतीत में अज्ञान है, बहुत सारा है और वो बहुत तेज़ी से फैलता भी है।

जागृति, अतीत से नहीं आती और वो फैल भी नहीं सकती।

अतीत तुम्हें जागृति नहीं दे सकता। अतीत तुम्हें अज्ञान बहुत सारा दे सकता है। और अज्ञान खूब तेज़ी से फैलता भी है क्यूंकि वो परमपरा बन जाता है, आदत बन जाता है, वो फैलता है।
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श्री प्रशांत ‘मिथक भंजन यात्रा’ का दूसरा चरण धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में आरम्भ कर रहे हैं।

25 अप्रैल से।

कृपया अपनी जगह आरक्षित कर लें।

मोह त्यागो, और त्याग को भी त्यागो

सारे प्रश्न मूलतः अपने स्रोत पर आ जाते हैं और मूल प्रश्न है कि ‘मैं कौन हूँ?’

वो जो त्याग करने की कोशिश कर रहा है, वो जो छोड़ने की कोशिश कर रहा है, वो है ही कौन?

त्यागना चाहते हो तो त्यागने की कामना को भी त्याग दो।
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श्री प्रशांत ‘मिथक भंजन यात्रा’ का दूसरा चरण धर्मशाला, हिमाचल प्रदेश में आरम्भ कर रहे हैं।

25 अप्रैल से।

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