प्रेम – मीठे-कड़वे के परे

जानते हो लोग दुखी क्यों हैं? इसलिए नहीं कि दुःख आवश्यक है, इसलिए क्योंकि उन्हें सुख की तलाश है| सुख की तलाश, दुःख को स्थाई बना देती है| जो सुख को पकड़ता है, वो दुःख को भी पकड़ लेता है|

चरित्र, आचरण क्या हैं?

प्रश्न: सर, हम ‘चरित्र’ शब्द का अर्थ जानना चाहते हैं| वक्ता: अभी! आजकल शायद मौसम ही चल रहा है चरित्र(कैरेक्टर) का| (सभी श्रोतागण हँसते हैं)

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