मित्रता बेशर्त होती है

पड़ोसी नहीं मारते, बाप और भाई ही मारते हैं इन ऑनर किलिंग के किस्सों में। तो समझ लेना कि ये प्रेम नहीं था, मामला कुछ और ही था हमेशा से। हो सकता है कि शारीरिक तरीकों से कोई तुम्हारी जान न ले, लेकिन दूसरे तरीकों से तुम्हारी जान ले लेगा।
प्रेम अपेक्षाएँ नहीं रखता। प्रेम मांगता नहीं है।

इच्छाओं को नियंत्रित कैसे करूँ?

श्रोता: सर, इच्छाओं को नियंत्रित कैसे करूँ? वक्ता: कृष्णमोहन पूछ रहे हैं कि इच्छाओं को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। अच्छा! क्यों नियंत्रित करना है? सवाल यह

जगत पदार्थ है, तो स्त्री वस्तु मात्र

प्रश्न: सर, औरतों को शादी के उपरान्त अपने पति का उपनाम क्यों लगाना पड़ता है? वक्ता: मेघना, अगर देख पाओगी तो बात साफ़-साफ़ खुल जाएगी। तुमने देखा

क्यों अपना वैभव भूले बैठे हो?

वक्ता: प्रश्न है कि कभी-कभी समस्या इतना बड़ा रूप ले लेती है कि बड़ा तनाव हो जाता है, उससे बाहर कैसे निकालें अपने आप को?

चोट खाए अहंकार, माफ़ करे अहंकार

श्रोता : बार-बार आकर कोई पीड़ा पहुँचा रहा है और उसे माफ़ ही करते रहेंगे तो क्या वो ये नहीं सोचेगा कि हम में तो

साहसी मन समस्या को नहीं, स्वयं को सुलझाता है

प्रश्न: Should we face an uncomfortable situation and be done with it or is it better to avoid it? Both the cases require a lot of

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