दौड़ने से पहले, देखो !

प्रश्न: सर, जीवन में लक्ष्य होने चाहिए या नहीं? वक्ता: ‘लक्ष्य’, ‘महत्वकांक्षा’, ‘रुचि’, ये सारे शब्द एक ही श्रेणी से सम्बंधित हैं। एक ही वर्ग

झूठा प्रेम

हमने सब झूठी चीज़ों को प्रेम का नाम दे दिया है।मुझे तुमसे एक आकर्षण हो गया क्योंकि मेरी एक ख़ास उम्र है और तुम्हारी भी एक ख़ास उम्र है, और इस उम्र में शरीर की ग्रंथियाँ सक्रिय हो जाती हैं। सीधे-सीधे ये एक शारीरिक आकर्षण है, यौन आकर्षण है।

‘ऑनर किलिंग’ क्या है ?

इज्ज़त अहंकार है। इज्ज़त हमेशा जीवन भक्षी होती है। हम इज्ज़त के कारण सिर्फ दूसरों की ही नहीं बल्कि स्वयं की भी हत्या करते हैं। जहाँ इज्ज़त की गूंज है वहां प्रेम नहीं हो सकता।

दूसरों को आदर्श बनाने की जगह खुद को देखो

वक्ता: सिर्फ एक व्यक्ति है जिसका तुम्हें सच पता हो सकता हैं, किसका? सभी श्रोता: अपना वक्ता: तो उसकी ओर क्यों नहीं देखते? जिस एक

अच्छा-बुरा, सही-गलत!

प्रश्न: अगर मैं कहता हूँ, ‘मैं अच्छा हूँ?’, तो ये मेरी ईगो है, अहंकार है, या सहजता? वक्ता: बात बहुत दूर तक जाती है। हम

मैं तुम्हें इतना डाँटता क्यों हूँ?

 वक्ता: कोई भी कर्म दो ही वजह से निकल सकता है।कहाँ से? सभी श्रोतागण: बेहोशी या समझ। वक्ता: डाँट भी दो ही वजह से निकल

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