दौड़ने से पहले, देखो !

प्रश्न: सर, जीवन में लक्ष्य होने चाहिए या नहीं? वक्ता: ‘लक्ष्य’, ‘महत्वकांक्षा’, ‘रुचि’, ये सारे शब्द एक ही श्रेणी से सम्बंधित हैं। एक ही वर्ग

तुम्हें स्वयं ही खोजना पड़ेगा

शिक्षक दो तरीके के होते हैं, एक जो जानकारी देते हैं, जानकारी सदा बाहर से आयेगी, और दूसरे वो जो तुमसे कहते हैं कि खुद खोजो। जहाँ तक निम्नतर शिक्षा का सवाल है, शिक्षक तुम्हें जानकारी दे सकता है कि ए.सी. कैसे चलता है, कैमरा कैसे चलता है, वो सब जानकारी बाहर से आ जायेगी। पर जब जीवन शिक्षा की बात हो रही है, तो गुरु तुम से यही कह सकता है कि बेटा, खुद तलाशो।

झूठा प्रेम

हमने सब झूठी चीज़ों को प्रेम का नाम दे दिया है।मुझे तुमसे एक आकर्षण हो गया क्योंकि मेरी एक ख़ास उम्र है और तुम्हारी भी एक ख़ास उम्र है, और इस उम्र में शरीर की ग्रंथियाँ सक्रिय हो जाती हैं। सीधे-सीधे ये एक शारीरिक आकर्षण है, यौन आकर्षण है।

1 2 3 4 5 8