सब करके भी कुछ नहीं करते || आचार्य प्रशांत, संत कबीर पर (2019)

निष्काम कर्म, अनासक्त कर्म, कबीर साहब को शोभा देता है, हमको नहीं।

हमारे लिये तो ज़रूरी है कि कर्म सोद्देश्य हो, कर्म सकाम हो।

और कर्म का बड़ा सीधा-सीधा उद्देश्य हो – बंधनों से मुक्ति, भ्रम का कटना, भय-मोह का मिटना।

मन, समय और स्थान एक हैं

शून्यता का मतलब है: शून्यता के बारे में इतनी गहरी विचारणा से मुक्ति।
शून्यता का मतलब है इस गम्भीता से मुक्त हो जाना। जितनी गंभीरता से आप शून्यता के बारे में जानना चाह रहे हो न, तो आप खालीपन को प्राप्त होने की जगह बहुत भर गए हो। किस चीज़ से भर गए हो? खालीपन से। ‘’मैं खालीपन के बारे में विचारों से भर चूका हूँ,’’ यह सही नहीं है!
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हिमालय की गोद में 30वें अद्वैत बोध शिविर का आयोजन किया जाने वाला है।
आचार्य प्रशांत के सानिध्य में रहने का और दुनिया भर के दुर्लभ ग्रंथों के अध्ययन के इस सुनहरे अवसर को न गवाएं।

तिथि: 24-27 मार्च
स्थान: वी.एन.ए रिसोर्ट, ऋषिकेश

आवेदन भेजने हेतु ईमेल करें requests@prashantadvait.com पर
या
संपर्क करें:
श्री अंशु शर्मा: +91 – 8376055661

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आचार्य प्रशांत द्वारा दिए गये बहुमूल्य व्याख्यान इन पुस्तकों में मौजूद हैं:

अमेज़न: http://tinyurl.com/Acharya-Prashant
फ्लिप्कार्ट: https://goo.gl/fS0zHf

क्या सत्य सबके लिए अलग-अलग होता है?

जो सत्य एक भी नहीं है, वो दो और पाँच, अट्ठारह कैसे हो सकता है? बड़ी तकलीफ होती है मन को, ‘ऐसी कौन-सी चीज़ है जिसके बारे में हम सोच ही नहीं सकते?’ चीज़ नहीं है दिक्कत यही है जिन्दगी में चीजें इतनी भरी हुई है, जिंदगी में विचार और वासनाएं इतने भरे हुए है, कि चीज के पार भी कुछ हो सकता है, यह ख्याल ही बड़ी तकलीफ दे जाता है, क्योंकि ”चीज़ के पार भी कुछ है तो हासिल तो हम कर नहीं पाएँगे|”
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आचार्य प्रशांत द्वारा दिए गये बहुमूल्य व्याख्यान इन पुस्तकों में मौजूद हैं:

अमेज़न : http://tinyurl.com/Acharya-Prashant
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माफ़ करने का क्या अर्थ है?

ना सजा देनी है, न माफ़ करना है। मदद कर सकते हो, तो कर दो और सोए हुए की क्या मदद की जा सकती है? कि उसको जगा दो कि बहुत सो लिया। उठेगा कब? कब तक सपनों में जीता रहेगा? भ्रम में कब तक तेरा मन रहेगा? ऑंखें खोल, हक़ीक़त को देख पर हम यह करते नहीं।
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प्रशांतअद्वैत फाउंडेशन पच्चीस से ज्यादा अद्वैत बोध शिविरों का आयोजन करने के बाद, इस महीने की 24 तारीख को अपना 27वां बोध शिविर आयोजित करने जा रही है।

ईसा मसीह के जन्म दिवस को हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाने का इस बोध शिविर से बेहतर मौका कहाँ हो सकता है!

विश्व भर के आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने, आचार्य प्रशांत जी के संग समय बिताने, और गंगा किनारे बैठ खुदमें डूब जाने का भी यह एक अनूठा अवसर है।

शिविर का हिस्सा बनने हेतु, requests@prashantadvait.com पर एक ईमेल करें ।
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अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
श्री अंशु शर्मा: +91-8376055661
श्री कुंदन सिंह: +91-9999102998
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आचार्य प्रशांत द्वारा दिए गये बहुमूल्य व्याख्यान इन पुस्तकों में मौजूद हैं:

अमेज़न : http://tinyurl.com/Acharya-Prashant
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