निसंकोच संदेह करो; श्रद्धा अंधविश्वास नहीं

संदेह समस्या बनता है, सिर्फ आखरी बिंदु पर| वो बिंदु पूर्ण श्रद्धा का होता है| पर आखरी बिंदु पर यहाँ कौन आ रहा है? तो अभी तो संदेह है तो अच्छी बात है| जितना हो सके उतना संदेह करो| और फ़िर उस संदेह को पूरा खत्म होने दो| और याद रखो कि खत्म करने का ये मतलब नहीं हैं, कि उसे दबा दिया जाये| खत्म करना मतलब उसकी पूरी ऊर्जा को जल जाने दो| उसमें जितनी आग थी, तुमने जला दी| समझ रहे हो न?

अब जल गया, खत्म हो गया| संदेह को खत्म होना ही चाहिए|

एक और आख़िरी मौका

दुर्लभ मानुष जन्म है, देह न बारम्बार । तरुवर ज्यों पत्ता झड़े, बहुरि न लागे डार ।।  ~ कबीर प्रश्न: संसार में मनुष्य जन्म मुश्किल

निम्न विचार और उच्च विचार क्या?

प्रश्न: निम्न विचार और उच्च विचार क्या हैं? वक्ता: हम में से कितने लोगों को ये सवाल अपने सन्दर्भ में उचित लग रहा है? कितने लोगों

1 2 3 8