गुण अलग-अलग नहीं

(आचार्य जी के नवीन लेखों के बारे में जानने के लिए व उनसे मिलने का दुर्लभ अवसर प्राप्त करने हेतु यहाँ क्लिक करें.) नानक के

पूर्ण बदलाव

(आचार्य जी के नवीन लेखों के बारे में जानने के लिए व उनसे मिलने का दुर्लभ अवसर प्राप्त करने हेतु यहाँ क्लिक करें.) बिलकुल नज़रिए

कौन गुरु कौन चेला

(आचार्य जी के नवीन लेखों के बारे में जानने के लिए व उनसे मिलने का दुर्लभ अवसर प्राप्त करने हेतु यहाँ क्लिक करें.) तो ना

प्रेम यही है – के छोड़ के ना जाओ

ये खेल ऐसे नहीं खेला जा सकता कि लग रहा है, पर तुम वीरता से उससे लड़ाई कर रहे हो। ये खेल तो ऐसे ही

वो डकैतों का डकैत है

‘यहाँ’ का अर्थ ये नहीं है की ये स्थान। ‘यहाँ” का अर्थ है स्थान के पार हो जाना लोकातीत हो जाना। ‘अभी’ का अर्थ नहीं

बूढ़े पैदा हुए थे, बच्चे मरो

आप कह रहे हैं कि जो चीज़ बच्चे के पैदा होने के साथ ही उसके साथ लग जाती है, उससे मुक्ति कितनी सरल है? आप

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