उक्तियाँ, बोध सत्र से, २१ दिसंबर'१४

उक्तियाँ, बोध सत्र से, २१ दिसंबर’१४ ———————————— १. साधु ऐसा चाहिए, जैसा सूप सुभाय। सार-सार को गहि रहै, थोथा देई उड़ाय॥          

उक्तियाँ, बोध सत्र से, ३० नवंबर '१४

उक्तियाँ, बोध सत्र से, ३० नवंबर ‘१४ —————————— —————————— —————————— —————————— 1. जे तू राखै साईयाँ, मार सके ना कोय ।        बाल न

1 9 10 11 12