सोता सपना

आज तुम सोती हो यहाँ मेरे सामने मैं तुम्हें बहुत ध्यान से देख रहा हूँ तुम जानोगी भी नहीं कि तुम्हारी आँखों में नींद है

देव अब छोड़ दो मुझको

कब तक घिसटूँ ढ़ोते हुए अपने मस्तक पर बोझ तुम्हारे पाँवों का (तुम्हारे चरण तो मेरा उद्धार करने वाले थे, है न?) तुमने मुझे सहारा

विजयादशमी के बैरियर का डंडा

विजयादशमी का डंडा हर साल संभालता है अनगिनत शरीरों को। विजयादशमी का डंडा बनाये रखता है भीड़ का प्रवाह बस एक ही दिशा में वह

रात, शहर और मैं

आकाश, टुकड़ों में मेघाच्छन्न है या तो पूरी तरह या बिल्कुल नहीं। खुले आकाश का सबसे चमकदार सितारा मेघों को दूर से निहारता है जैसे

मैंने पूछा

मैंने पूछा डूबते हुए सूरज से तुम्हें देख वह पक्षी क्यों घर लौटता है ? मैंने पूछा उड़ते हुए पक्षी से क्यों तुम व्यर्थ गगन

अकेला

दिए का हवाओं से जूझना प्रेरणास्पद लगा, मुझे भी, तुम्हें भी । चींटी का अथक परिश्रम, मन भाया, मेरे भी, तुम्हारे भी । तिनके का

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