इच्छाशक्ति है मन की अकड़, आत्मबल है मन का समर्पण।

आत्मबल इच्छाशक्ति नहीं है। इच्छा नहीं होती, आत्मबल में। जब तक इच्छा का ज़ोर लगाओगे, तब तक आत्मबल की असीम ताक़त को नहीं पाओगे। इच्छाशक्ति

मन की विक्षिप्तता; ह्रदय की पूर्णता

क्यों आपको खुला आसमान भाता है? पक्षी की उड़ान क्यों आपको निस्तब्ध कर जाती है? इनका कोई कारण नहीं है। चलते-चलते अचानक ठिठक के खड़े

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