वो डकैतों का डकैत है

‘यहाँ’ का अर्थ ये नहीं है की ये स्थान। ‘यहाँ” का अर्थ है स्थान के पार हो जाना लोकातीत हो जाना। ‘अभी’ का अर्थ नहीं है यह पल, ‘अभी’ का अर्थ है कालातीत हो जाना। समय के पार चले जाना, ये समाधि की स्तिथियाँ है, ये समय और स्थान की स्तिथियाँ नहीं हैं, ये समाधि है। ये सत्य है।

आंतरिक अपूर्णता को भरने के लिए भविष्य का सहारा बहुत जरुरी है।

आपकी सबसे बड़ी पूँजी है, भविष्य। संत आपसे आपकी सबसे बड़ी पूँजी छीन लेता है। आप उसे माफ़ नहीं कर सकते हैं। वो डकैतों का डकैत है।

ना कोई प्रभव है, ना कोई प्रलय है, मात्र सत्य है।

ना कोई पहला दिन था ना कोई आखिरी दिन होगा। दिन ही मिथ्या है, दिन ही कल्पना है।



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