बूढ़े पैदा हुए थे, बच्चे मरो

आप कह रहे हैं कि जो चीज़ बच्चे के पैदा होने के साथ ही उसके साथ लग जाती है, उससे मुक्ति कितनी सरल है? आप सहजता की नहीं, आप सरलता की बात कर रहे हैं।

यही जीवन का उद्देश्य है। बूढ़े पैदा हुए थे, बच्चे मरो।

शुरुआत ठीक करें, आगे का रास्ता स्पष्ट हो जाएगा।

आप पहले ज़रा स्थिर हो जाएँ, ज़रा ठहर जाएँ। आप कम्पित होते रहेंगे, कभी हाँ, कभी ना बोलेंगे, तो कौन सा रास्ता खुले आपके लिए?



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