स्वयं न गिर जाएँ।

स्वयं न गिर जाएँ। जैसे गिरते हुए का वेग होता है, एक कर्षण होता है कि वो औरों को भी अपने साथ नीचे खींच लेना चाहता है, गिरा लेना चाहता है। ठीक उसी तरह से न गिरने का भी अपना एक कर्षण होता है। उसका भी अपना एक महत्व होता है। जैसे समझ लीजिये कि गिरना संक्रामक होता है, न गिरना भी संक्रामक होता है  दस लोग मूर्खताएँ कर रहे हैं, तो ग्यारवेह पर भी प्रभाव पड़ता है मूर्खता करने का। पर अगर ग्यारहवाँ अडिग रहे और अपने आप को प्रभावित न होने दे, तो इस ग्यारहवें  का बाकी दस पर भी प्रभाव पड़ता है।

यही धर्म है आपका, कि जब दस लोग मूर्खता कर रहे हों, तो आप मूर्खता न करें। आप मूर्खता न करें तो उन दस के सुधरने की संभावना बढ़ जाती है।



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