जो अच्छा होता है कोई उसका फायदा नहीं उठा सकता

जो अच्छा होता है कोई उसका फायदा नहीं उठा सकता| हाँ, जो अच्छा होता है उससे सबका फायदा होता जरूर है| दोनों बातों में बड़ा अंतर हैं, समझना| अच्छे आदमी का कोई फायदा नहीं उठाया जा सकता क्योंकि किसी का तुम फायदा उठा सको इसके लिए जरुरी है कि उसमे लालच हो, गौर करो कि जब भी किसी ने तुम्हारा फायदा उठाया है तुम्हे ललचा के उठाया है| कोई विज्ञापन दाता तुम्हारा फायदा उठा लेता है, कैसे? लालच देकर

कोई भी तुम्हें लूटता बाद में है पहले तुम्हें ललचाता है| जब तक तुम ललचाए नहीं गए तुम लुट नहीं सकते, मैं उन स्थितियों की बात नहीं कर रहा हूं कि जहाँ कोई आकर के तुम्हारे ऊपर बंदूक ही रखकर लूट ले| आमतौर पर यदि हम सौ बार लूटते हैं तो निन्यानवे बार इसलिए नहीं लूटते कि किसी ने बंदूक रखकर लुटा था, निन्यानवे बार इसलिए लुटते हैं क्योंकि किसी ने लालच का जाल बिछाया था और हम जा कर के उसमें फंस गए| और अच्छे आदमी का कोई फायदा नहीं उठा सकता, अच्छे आदमी को लूटा जा ही नहीं सकता अच्छे होने का फायदा ही यही है कि कोई तुम्हारा फायदा नहीं उठा पाएगा अब|

फायदा तो बुरे आदमी का ही उठा सकते हो क्योंकि वह लालच में फंसने के लिए हमेशा तैयार है| अच्छा आदमी न ललचाता है न डरता है, तो उसका फायदा कैसे उठाओगे? अच्छे आदमी को न लालच है न डर है तो उसका फायदा कैसे उठा लोगे तुम ? बुरे आदमी को दोनों है लालच भी है, डर भी है, तो उसका फायदा तुम जरूर उठा लोगे|



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