व्यर्थ की दौड़

तुम्हें  पागल बनने की कोई ज़रूरत नहीं, तुम्हें दौड़ लगाने कि कोई ज़रूरत नहीं, तुम्हें किसी को कुछ भी सिद्ध करके दिखाने की कोई ज़रूरत नहीं। किसी को भी इसलिए नहीं पैदा किया गया है कि वो यहाँ  आये और किसी दौड़ का, किसी रेस का हिस्सा बनें। दुनियाँ में जो कुछ भी है, अपने-आप में पूरा है।


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