परम सत्ता बस एक है

कैवल्य का यही अर्थ होता है कि मात्र वो है, केवल वो है, उसके अलावा और कोई है ही नहीं। तो उसका कोई संगी है, ये प्रश्न ही नहीं पैदा होता। संगी का अर्थ ही हुआ कि दो है, कि परम सत्ता दो हैं। ना, वो असंग है। इसी को एकांकीपन कहते हैं। “नो पार्टनर हैज़ गॉड”, इसी बात को कहा जाता है ‘एकांकीपन’।


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