पलायन क्या है ?

पलायन क्या है समझ रहे हो?

मैं कुछ हूँ, एक ठोस जमी हुई संरचना। और वो ठोस संरचना, अपने विगलन को एस्केप  करना चाहता है। इसलिए एस्केप शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। उसे बदलाव, परिवर्तन, संशोधन, विगलन  इन सबसे बचना है।

अब सवाल ये उठता है कि फ़िर एस्केप  क्या नहीं है ? फिर क्या है जो एस्केप नहीं है?

ऐसी एक्टिविटी  जो तुम्हारे होने से नहीं निकल रही है, बल्कि तुम्हारे होने को ही परिवर्तित कर देगी। जो तुम्हारे होने को ही बदल देगी। तुम जो साधारण खाना खाते हो, वो कैसा होता है? वो, वही होता है जो तुम खाना चाहते हो। तो वो तुम्हारे मानसिक संरचना को बदल नहीं सकता।