समर्पण का अर्थ

समर्पण का अर्थ है असीम बल।

तुम अपनेआप को जो मानते हो वही तुम्हारी कमज़ोरी है। अपनी कमज़ोरी का समर्पण कर दो।

प्रार्थना करो और प्रतीक्षा करो कि वो पुकारे। उसकी पुकार ही तुम्हारा आत्मबल बनेगी और तुम भागे चले जाओगे, अपना सारा कचरा पीछे छोड़ कर, यही समर्पण है।

वहाँ चालाकी और चतुराई नहीं हो सकती, वहाँ धोखेबाज़ी नहीं हो सकती।