सही और गलत

  • याद करने का सही समय क्या है? याद करने का सही समय है जब याद रही हो।”

 

  • जहाँ आप उठ बैठो, वही सही स्थान है जब आप उठ बैठो, वही सही समय है। यही अवसर है।”

 

  • सही समय पर पूछा गया सवाल ही समाधान बन जाता है।”

 

  • गलत जगह ढूंढ रहे सुख को।”

 

  • पाना तो तुम सत्य को ही चाहते हो पर संसार तुम्हें गलत दिशा में मोड़ देता है |”

 

  • क़दम बढ़ाने के दो तरीके: उचित: उसको पाकर, पूर्णता के भाव से क़दम बढ़ाना। अनुचित: उसको भुलाकर, अपूर्णता के भाव से कदम बढ़ाना।” 

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    उपरोक्त सूक्तियाँ श्री प्रशांत के लेखों और वार्ताओं से उद्धृत हैं

 

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