समय

  • जिन क्षणों में आप मौत के कष्ट की कल्पना कर रहे होते हैं उस समय जीवन बड़ा ही कष्टपूर्ण हो जाता है।”

 

  • हम दो हैं। दूसरा, पहले की लीला है। दोनों वस्तुतः एक ही हैं। पहला जिसमें गहराई है। वो समय में नहीं है। वो बिंदु समान है। दूसरा जो समय में जीता है। जिसके इंद्रियगत अनुभूति है।”

 

  • जो समय ने दिया है उस पर समय का प्रभाव होगा ही। शरीर समय है। शरीर चाह कर भी समय के पार नहीं जा सकता। और मन भी समय-संसार ने दिया है।”

 

  • जहाँ समय है, वहाँ कर्मफल है। शरीर और मन, दोनों पर कर्मफल का असर होता है। शरीर पर स्थूल रूप से दिखाई देता है और मन पर सूक्ष्म रूप से। इसमें कोई अपवाद संभव नहीं है। अतः शरीर और मन दोनों को कर्मफल भुगतना ही होगा।”

 

  • सही समय पर पूछा गया सवाल ही समाधान बन जाता है।”

 

  • सही समय पर पूछा गया सवाल ही समाधान बन जाता है।~ जहाँ हो वहाँ ईमानदार रहो और वहीँ से आगे बढ़ो।”

 

  • “• जो स्रोत में नहीं डूबा, वही समय से अपेक्षा रखता है।”

 

  • वर्तमान समय का क्षण नहीँ।”

 

  • समय देह है। जब तक देहभाव रहता है, तब तक समय रहता है।”

 

  • त्रिकालदर्शी कौन? जिसको अब समय छल नहीं पाता।”

 

  • समय से मुक्ति चाहिए तो समय को महत्व देना बंद करो।”

 

  • शरीर और मन समय में हैं। जहाँ समय है, वहाँ मृत्यु है।”

 

  • समय में कुछ भी लौटकर नहीं आता। अभी जो है, वो बदलेगा। इस बदलाव को समझने में ही ‘उसकी’ प्राप्ति है जो बदलता नहीं। इस बदलाव को जिसने जान लिया, उसका जन्म सार्थक हुआ।”

 

  • अवसर समय और स्थान नहीं, अंतस है।”

 

  • जीतने का भाव इस बात की पुष्टि है कि हारने का डर है। जो जीतने की कोशिश में लगा हुआ है वह जीवन नष्ट कर रहा है क्योंकि समय तुमसे तुम्हारी हर जीत छीन लेता है। कभी कोई जीत आखिरी हुई है?”

 

  • तुम समय को तोड़ पाए या नहीं यह इस बात पर निर्भर करेगा कि समय में क्या किया।”

 

  • “जो है सो अभी है। यहाँ तक कि उनके बारे में सोच भी तुम अभी ही रहे हो। वो कल्पनाएँ भी अभी ही हो रही हैं। उनका अस्तित्व नहीं है। भूत और भविष्य दोनों ही काल्पनिक हैं।”

 

  • “भविष्य में जीना, जीवन को पूरी तरह से चूकना है।”

 

  • “जब आप वर्तमान में मौजूद नहीं हो, आपका ध्यान नहीं है, तब जो घटना घटती है, उसको आलस्य कहते हैं।”

 

  • “जो समय में है वो समय बर्बाद कर रहा है|”

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उपरोक्त सूक्तियाँ आचार्य प्रशांत के लेखों और वार्ताओं से उद्धृत हैं

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