संवेदनशीलता

  • संवेदनशीलता, भावुकता नहीं।”

 

  • “संवेदनशीलता अहिंसक है, संवेदशीलता में प्रेम है।

    संवेदना सीखो, भावुकता नहीं।”

 

  • “संवेदनशीलता का अर्थ ही यही होता है: सूक्ष्म आवाजें सुन पाना।”

——————————————————

उपरोक्त सूक्तियाँ आचार्य प्रशांत के लेखों और वार्ताओं से उद्धृत हैं

Leave a Reply