संकल्प

  • ध्यान संकल्प है बोध में उतरने का।” 
  • “वो संकल्प आग होता है जो दुःख को भस्म कर देता है।”

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    उपरोक्त सूक्तियाँ आचार्य प्रशांत के लेखों और वार्ताओं से उद्धृत हैं

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