करुणा

  • तेरे लिये तेरे आँसू असली हैं पर मुझे पता है कि ये नकली हैं। इन्हें नकली जानते हुए भी तेरे लिए इनका समाधान करूंगा। ये करुणा है।”

 

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उपरोक्त सूक्तियाँ श्री प्रशांत के लेखों और वार्ताओं से उद्धृत हैं

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